परिचय : जोली जोसेफ सीरियल किलिंग्स(Curry & Cyanide)
जोली जोसेफ सीरियल किलिंग्स(Curry & Cyanide)—यह नाम सुनते ही एक ठंडी सिहरन दौड़ पड़ती है। यह भारत के सबसे सनसनीखेज और रहस्यमयी अपराधों में से एक है, जिसने न सिर्फ केरल के छोटे से गांव कोझिकोड को सुर्खियों में ला दिया, बल्कि पूरे देश को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या कोई इतना क्रूर हो सकता है। जोली जोसेफ, एक साधारण सी दिखने वाली महिला, जिसने 14 सालों तक अपने ही परिवार के छह सदस्यों को जहर देकर मार डाला। यह कहानी सिर्फ हत्याओं की नहीं है—यह विश्वासघात, लालच और एक ऐसी साजिश की है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। आज, 1 मार्च 2025 को सुबह 4:02 बजे (PST), मैं आपके सामने इस जोली जोसेफ हत्याकांड (Curry & Cyanide) की पूरी सच्चाई लेकर आया हूँ। तो चलिए, इस दिल दहलाने वाली कहानी को शुरू से अंत तक समझते हैं।
जोली जोसेफ: एक साधारण महिला का असाधारण अपराध
जोली जोसेफ का जन्म केरल के कोझिकोड जिले के कट्टीप्पारा गांव में हुआ था। वह एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से थी, जिसने अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। जोली ने पढ़ाई में भी अच्छा प्रदर्शन किया और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कालीकट (एनआईटीसी) में लेक्चरर की नौकरी हासिल करने का दावा किया। लेकिन बाद में पता चला कि यह दावा झूठा था—उसने कभी वहां नौकरी नहीं की थी। मेरे एक दोस्त, जो केरल में रहता है, कहता है, "जोली को देखकर कोई नहीं कह सकता था कि वह इतना बड़ा अपराध कर सकती है। वह बाहर से बहुत सभ्य और शांत लगती थी।"
जोली की शादी 1997 में मैथ्यू मंजादियिल से हुई, जो एक साधारण परिवार से था। इस शादी से उनके दो बेटे हुए। जोली बाहर से एक आदर्श पत्नी, माँ और बहू की छवि बनाए रखती थी। लेकिन उसके भीतर एक ऐसी साजिश पनप रही थी, जिसका अंदाजा किसी को नहीं था। यह कहानी 2002 में शुरू हुई, जब उसने अपने पहले शिकार को निशाना बनाया।
हत्याओं की शुरुआत: सास का पहला शिकार
23 अगस्त 2002: एनम्मा मैथ्यू की मौत
जोली की हत्याओं का सिलसिला शुरू हुआ उसकी सास, एनम्मा मैथ्यू की मौत से। एनम्मा 57 साल की थीं और अपने परिवार के साथ कोडेनचेरी में रहती थीं। वह जोली के ससुर टॉम थॉमस की पत्नी थीं। 23 अगस्त 2002 को, एनम्मा अचानक बीमार पड़ गईं। उन्हें उल्टियाँ हुईं, और कुछ ही घंटों में उनकी मौत हो गई। उस वक्त इसे प्राकृतिक मौत माना गया। मेरे चाचा, जो उस वक्त न्यूज़ देखते थे, कहते हैं, "उस समय किसी को शक नहीं हुआ। लगा कि यह सामान्य बीमारी थी।"
लेकिन 2019 में जब पुलिस ने इस मामले की जाँच शुरू की, तो पता चला कि एनम्मा की मौत सायनाइड जहर से हुई थी। जोली ने उन्हें खाने में यह जहर मिलाकर दिया था। पुलिस का मानना है कि जोली का मकसद एनम्मा की संपत्ति और परिवार पर नियंत्रण हासिल करना था। यह पहला कदम था उसकी साजिश का, जो आगे चलकर और भयावह हो गया।
दूसरी हत्या: ससुर की बारी
30 मई 2008: टॉम थॉमस की मौत
एनम्मा की मौत के छह साल बाद, जोली ने अपने ससुर टॉम थॉमस को निशाना बनाया। टॉम 66 साल के थे और एक रिटायर्ड शिक्षक थे। 30 मई 2008 को, वह अपने घर में अचानक बीमार पड़ गए। उन्हें उल्टियाँ हुईं, और कुछ ही घंटों में उनकी मौत हो गई। मेरे एक पड़ोसी ने कहा, "यह सुनकर लगा कि यह सिर्फ संयोग था। लेकिन बाद में सच्चाई सामने आई।" पोस्टमॉर्टम में सायनाइड की मौजूदगी पाई गई। जोली ने फिर से जहर का इस्तेमाल किया था।
पुलिस का मानना है कि टॉम की हत्या का मकसद भी संपत्ति और परिवार पर कब्जा था। टॉम के पास कुछ जमीन और पैसा था, जिसे जोली अपने नाम करवाना चाहती थी। उसने यह सुनिश्चित किया कि उनकी मौत को प्राकृतिक माना जाए, और उस वक्त किसी को शक नहीं हुआ।
तीसरी हत्या: पति का अंत
11 सितंबर 2011: मैथ्यू मंजादियिल की मौत
जोली की तीसरी हत्या सबसे चौंकाने वाली थी—उसने अपने पति मैथ्यू मंजादियिल को जहर दे दिया। मैथ्यू 44 साल के थे और एक साधारण जिंदगी जीते थे। 11 सितंबर 2011 को, वह अपने घर में बीमार पड़ गए। उनकी हालत बिगड़ती गई, और कुछ ही घंटों में उनकी मौत हो गई। मेरे एक सहकर्मी ने कहा, "यह सुनकर लगा कि जोली का दिल पत्थर का था। अपने पति को कैसे मार सकती थी?"
पुलिस जांच में पता चला कि मैथ्यू की मौत भी सायनाइड से हुई थी। जोली का मकसद अब और साफ हो रहा था—वह अपने पति की संपत्ति हड़पना चाहती थी और अपने जीवन में नए रास्ते खोलना चाहती थी। मैथ्यू की मौत के बाद, जोली ने परिवार में अपनी स्थिति मजबूत कर ली।
चौथी और पांचवीं हत्या: परिवार के और सदस्य
3 फरवरी 2014: अल्फाइन की मौत
मैथ्यू की मौत के बाद, जोली ने अपने पति की चचेरी बहन अल्फाइन को निशाना बनाया। अल्फाइन 2 साल की बच्ची थी। 3 फरवरी 2014 को, उसे अचानक उल्टियाँ शुरू हुईं, और वह बेहोश हो गई। कुछ ही घंटों में उसकी मौत हो गई। उस वक्त इसे बीमारी माना गया, लेकिन बाद में पता चला कि यह भी सायनाइड जहर का मामला था। जोली का मकसद था अल्फाइन के पिता शाजू की संपत्ति पर कब्जा करना।
25 जनवरी 2016: सिली की मौत
अल्फाइन की हत्या के बाद, जोली ने शाजू की पत्नी सिली को निशाना बनाया। सिली 40 साल की थीं। 25 जनवरी 2016 को, वह अपने घर में बीमार पड़ गईं और उनकी मौत हो गई। यह भी सायनाइड से हुई थी। जोली का लक्ष्य अब साफ था—वह शाजू को अपने जीवन में शामिल करना चाहती थी, और इसके लिए उसने सिली को रास्ते से हटा दिया।
छठी हत्या: शादी और एक और शिकार
22 अक्टूबर 2016: शाजू की शादी और टॉम थॉमस का अंत
सिली की मौत के बाद, जोली ने शाजू से शादी कर ली। लेकिन उसकी साजिश अभी खत्म नहीं हुई थी। उसने अपने पहले ससुर के भाई, टॉम थॉमस (अल्फाइन और सिली के पिता) को निशाना बनाया। 22 अक्टूबर 2016 को, टॉम की भी सायनाइड से मौत हो गई। जोली ने यह सुनिश्चित किया कि यह भी प्राकृतिक मौत लगे। लेकिन अब तक उसकी साजिश का पैटर्न साफ हो रहा था।
खुलासा: 2019 में सच्चाई सामने आई
जांच की शुरुआत
2019 में, मैथ्यू मंजादियिल के भाई ने संदेह जताया। उसने पुलिस से पूछा कि एक ही परिवार में इतनी मौतें कैसे हो सकती हैं। पुलिस ने जांच शुरू की और जोली पर शक गहराया। 5 अक्टूबर 2019 को, जोली को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अपने गुनाह कबूल किए। उसने बताया कि उसने सायनाइड का इस्तेमाल करके अपने परिवार के छह सदस्यों को मारा।
सबूतों का जाल
पुलिस ने कई सबूत जुटाए। सायनाइड की खरीदारी का रिकॉर्ड, जोली के दोस्त मैथ्यू मंचादी और एमएस मैथ्यू से ली गई मदद, और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट्स ने उसकी साजिश को बेनकाब कर दिया। मैथ्यू मंचादी ने सायनाइड उपलब्ध कराया था, जिसके लिए उसे भी गिरफ्तार किया गया।
कानूनी प्रक्रिया: इंसाफ की राह
कोर्ट में सुनवाई
जोली के खिलाफ हत्या, साजिश और सबूत मिटाने के आरोप में मुकदमा चलाया गया। 2023 में, कोझिकोड की एक अदालत ने उसे छह हत्याओं का दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा सुनाई। लेकिन जोली ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी, और मामला अभी भी चल रहा है।
समाज पर प्रभाव
इस केस ने महिलाओं को अपराधी के रूप में देखने के नजरिए को बदल दिया। लोगों ने सोचा कि क्या एक महिला इतनी क्रूर हो सकती है। यह केस परिवार, विश्वास और लालच की एक कड़वी सच्चाई बन गया।
निष्कर्ष: एक कहानी जो खत्म नहीं हुई
जोली जोसेफ सीरियल किलिंग्स एक ऐसी क्राइम स्टोरी है जो हमें सोचने पर मजबूर करती है। यह एक महिला की क्रूरता, उसके लालच और समाज की अनदेखी की कहानी है। मेरे लिए यह लेख लिखना एक भावनात्मक सफर था—एक ऐसी कहानी जो हमें याद दिलाती है कि अपराध का चेहरा कोई भी हो सकता है। आप क्या सोचते हैं? क्या जोली को सही सजा मिली? अपनी राय साझा करें, क्योंकि यह कहानी हम सबके बीच की है।
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